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अरबी/घुइयां/अरुई (Taro Root) खाने के चमत्कारी फ़ायदे

Inder Singh Thakur
Submitted by Superadmin on गुरु, 11/30/2017 - 02:01

अरबी/घुइयां/अरुई (Taro Root)  ह्रदय, ट्यूमर, चेहरे की झुर्रियों, ब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्राल, गुर्दे, मांसपेशियां और शरीर की नसों के लिए वरदान है।

भारत में सभी राज्यों में अरबी खायी जाती हैं। इसमें विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, प्रोटीन के अलावा आयरन आदि महत्वपूर्ण पोषक तत्व रहते हैं। अरबी शरीर को ताकत देती है। अरबी में भारी फाइबर और कैलोरी की कम मात्रा की वजह से यह वजन घटाने का काम करती है। अरबी के और क्या-क्या फायदे हैं वैदिकवाटिका आपको जानकारी दे रही है। अरबी शीतल, अग्निदीपक (भूख को बढ़ाने वाली), बल की वृद्धि करने वाली और माताओं में शिशु के लिए दूध बढ़ाने वाली है। अरबी के सेवन से पेशाब अधिक मात्रा में होता है एवं कफ और वायु की वृद्धि होती है। अरबी के फल में धातुवृद्धि की भी शक्ति है। अरबी के पत्तों का साग वायु तथा कफ बढ़ाता है। इसके पत्तों में बेसन लगाकर बनाया गया पकवान स्वादिष्ट और रुचिकर होता है, फिर भी उसका अधिक मात्रा में सेवन उचित नहीं है।

अरबी के चमत्कारी फायदे :

1. गुर्दे, मांसपेशियां और शरीर की नसों :
अरबी में मौजूद गुण चेहरे से सबंधित समस्या को ठीक करते हैं। और त्वचा पर पड़ी झुर्रियों को भी ठीक करते हैं। अरबी खाने से गुर्दे, मांसपेशियां और शरीर की नसें सभी ठीक रहकर काम करती हैं। इसमें मौजूद पोटेशियम शरीर को कमजोरी नहीं आने देता है। 
2. चेहरे की झुर्रियां : 
अरबी त्वचा के सूखेपन और झुर्रियों को भी दूर करती है। सूखापन चाहे आंतों में हो या सांस-नली में अरबी खाने से लाभ होता है।
3. हृदय रोग : 
हृदय रोग के रोगी को अरबी की सब्जी प्रतिदिन खाते रहने से लाभ होता है।
4. ट्यूमर : 
अरबी के पत्तों के डाली को पीसकर लेप करने से रोग में लाभ होता है।
5. ब्ल्डप्रेशर :
ब्ल्डप्रेशर के रोगियों को रोज अपने खाने में अरबी का प्रयोग करना चाहिए। अरबी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है। अरबी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। 
6. डिप्रेशन व अवसाद :
अरबी आपको डिप्रेशन व अवसाद से भी बचाती है। जिस वजह से आपको अच्छी नींद भी आती है। 
7. पेशाब की जलन : 
अरबी के पत्तों का रस 3 दिन तक पीने से पेशाब की जलन मिट जाती है।
8. माँ और बच्चा : 
अरबी की सब्जी खाने से दुग्धपान कराने वाली माताओं में दूध बढ़ता है।
9. रक्तपित्त : 
अरबी के पत्तों का साग रक्तपित्त के रोगी के लिए लाभकारी है।
10. फोड़े-फुंसी : 
अरबी के पत्ते के डंठल जलाकर उनकी राख तेल में मिलाकर लगाने से फोड़े मिटते हैं।
11. कोलेस्ट्राल :
दिल की बीमारियों से बचने के लिए अरबी की सब्जी का सेवन करना चाहिए। यह कम वसा और कम कोलेस्ट्राल वाली होती है। विटामिन ई और फाइबर की अधिक मात्रा होने से यह दिल की सेहत अच्छी रखती है।
इन कुछ बातों का ध्यान रखें  :

जिन लोगों को गैस बनती हो, घुटनों के दर्द की शिकायत और खांसी हो, उनके लिए अरबी का अधिक मात्रा में उपयोग हानिकारक हो सकता है।



अरबी की सब्जी को हमेशा कम तेल में ही बनाएं। अरबी को आप करी और फ्राई करके भी खा सकते हैं। अरबी को कच्चा नहीं खाना चाहिए। 

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